मंगलवार सुबह बिहार के नालंदा जिले में आस्था का एक बड़ा केंद्र कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार और मातम में बदल गया। शीतला माता मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। लोग संभल पाते उससे पहले ही कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े और भीड़ उन्हें रौंदती चली गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हुई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। बताया जा रहा है कि सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता के दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर के प्रवेश द्वार और संकरे रास्ते पर भीड़ बढ़ती गई। इसी दौरान किसी ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे पीछे से धक्का लगने लगा और लोग गिरते चले गए। गिरने वालों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। कई महिलाएं और बुजुर्ग नीचे दब गए और दम घुटने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के तुरंत बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। बताया गया है कि 8 महिलाओं की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल पुरुष ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कई अन्य श्रद्धालु भी घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। लोगों का कहना है कि त्योहार और विशेष पूजा के कारण हर साल यहां भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। हादसे के बाद मंदिर परिसर में चप्पलें, पूजा की थालियां और बिखरा सामान उस भयावह मंजर की गवाही दे रहे थे।
हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट, जांच के लिए आदेश
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ नियंत्रण व्यवस्था की जांच की जाएगी और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति सामान्य रखी जा सके। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और गंभीर रूप से घायल लोगों पर डॉक्टरों की विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हादसे के बाद मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई परिवार सुबह पूजा के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई महिलाएं समूह में पूजा करने आई थीं और एक-दूसरे से बिछड़ गईं। बाद में उनका शव भीड़ के बीच मिला।
दर्दनाक घटना ने एक बार फिर भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद पर्याप्त निकासी मार्ग, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन का अभाव ऐसी घटनाओं को न्योता देता है।
प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों को सूचित किया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे धार्मिक आयोजनों में पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि आस्था का स्थान फिर किसी के लिए मौत का कारण न बने।

