ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों एक मलयालम डार्क कॉमेडी-थ्रिलर ने दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है। थिएटर में शानदार प्रदर्शन के बाद अब यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी धमाल मचा रही है। रिलीज होते ही फिल्म ने ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर-1 पोजिशन हासिल कर ली और सोशल मीडिया पर इसकी कहानी, ट्विस्ट और दमदार अभिनय को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। करीब 2 घंटे 23 मिनट लंबी इस फिल्म को IMDb पर 7.9 की मजबूत रेटिंग मिली है, जो दर्शकों के शानदार रिस्पॉन्स को दिखाती है। अप्रैल 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह मलयालम डार्क कॉमेडी-थ्रिलर अपने अनोखे कहानी कहने के अंदाज की वजह से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म की कहानी केवल सस्पेंस या थ्रिल तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें परिवार, रिश्तों, लालच और छिपे हुए राजों की ऐसी परतें दिखाई गई हैं जो दर्शकों को आखिर तक बांधे रखती हैं। यही वजह है कि फिल्म को ओटीटी पर आते ही जबरदस्त व्यूअरशिप मिली।
फिल्म की कहानी शशिधरन नाम के एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार अभिनेता साइजू कुरुप ने निभाया है। शशिधरन अपने परिवार के साथ एक सामान्य जिंदगी जी रहा होता है, लेकिन अचानक एक ऐसी घटना घटती है जो पूरे परिवार की जिंदगी बदल देती है। कहानी में मोड़ तब आता है जब उनके दिवंगत पिता के दूसरे परिवार से जुड़े कुछ ऐसे रहस्य सामने आने लगते हैं, जिन्हें वर्षों तक छिपाकर रखा गया था। इन रहस्यों के सामने आने के बाद हालात तेजी से बिगड़ने लगते हैं। परिवार एक ऐसे अपराध में उलझ जाता है जिसे छिपाने की कोशिश में वे लगातार नई परेशानियों में फंसते जाते हैं। फिल्म की खास बात यह है कि इसमें गंभीर परिस्थितियों को भी डार्क कॉमेडी के अंदाज में पेश किया गया है, जिससे दर्शकों को तनाव और मनोरंजन दोनों का अनुभव एक साथ मिलता है।
निर्देशक ने कहानी को बेहद चतुराई से आगे बढ़ाया है। हर कुछ मिनट बाद आने वाले ट्विस्ट दर्शकों को लगातार सोचने पर मजबूर करते हैं। फिल्म में सस्पेंस को धीरे-धीरे खोला गया है, जिससे अंत तक रोमांच बना रहता है। यही वजह है कि दर्शक फिल्म को एक बार शुरू करने के बाद बीच में छोड़ना नहीं चाहते। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक भी इसकी बड़ी ताकत माने जा रहे हैं। श्रीकंडापुरम के वातावरण को जिस तरह कैमरे में कैद किया गया है, वह कहानी के रहस्यमय और तनावपूर्ण माहौल को और मजबूत बनाता है। बैकग्राउंड स्कोर कई दृश्यों में तनाव को बढ़ाता है और दर्शकों को कहानी के भीतर पूरी तरह खींच लेता है।
साइजू कुरुप के अभिनय की खास तौर पर तारीफ हो रही है। उन्होंने शशिधरन के किरदार में डर, असमंजस, गुस्सा और हास्य जैसे कई भावों को बेहद संतुलित तरीके से निभाया है। उनके अलावा बाकी कलाकारों ने भी कहानी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है। फिल्म में हर किरदार का अपना महत्व है और कोई भी पात्र केवल औपचारिकता के लिए नहीं रखा गया।
डार्क कॉमेडी और थ्रिल का अनोखा मिश्रण बना फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
पिछले कुछ वर्षों में मलयालम सिनेमा ने कंटेंट आधारित फिल्मों के जरिए पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। कम बजट लेकिन दमदार कहानी वाली फिल्मों ने दर्शकों को यह महसूस कराया है कि मनोरंजन केवल बड़े सितारों और भारी-भरकम एक्शन से नहीं आता। यही वजह है कि मलयालम फिल्मों को अब हिंदी भाषी दर्शक भी बड़ी संख्या में देख रहे हैं। यह नई डार्क कॉमेडी-थ्रिलर भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाती नजर आती है। फिल्म में अपराध, पारिवारिक तनाव और रहस्यों जैसे गंभीर विषयों को हास्य और व्यंग्य के साथ पेश किया गया है। यही मिश्रण इसे बाकी थ्रिलर फिल्मों से अलग बनाता है। दर्शकों को कहानी में डर और तनाव महसूस होता है, लेकिन कई जगह संवाद और परिस्थितियां उन्हें हंसने पर भी मजबूर कर देती हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका स्क्रीनप्ले माना जा रहा है। कहानी कहीं भी धीमी नहीं पड़ती और हर दृश्य अगले सीन के लिए उत्सुकता पैदा करता है। सोशल मीडिया पर कई दर्शकों ने इसे “साल की सबसे बेहतरीन थ्रिलर फिल्मों में से एक” बताया है। कुछ यूजर्स ने फिल्म के क्लाइमैक्स की भी जमकर तारीफ की है और कहा है कि अंत तक असली सच का अंदाजा लगाना आसान नहीं है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर फिल्म की सफलता यह भी दिखाती है कि दर्शक अब नए तरह के कंटेंट को खुलकर स्वीकार कर रहे हैं। बड़े बजट की फिल्मों के बीच एक क्षेत्रीय भाषा की फिल्म का नंबर-1 ट्रेंड करना इस बात का संकेत है कि अच्छी कहानी किसी भाषा की मोहताज नहीं होती।
आने वाले दिनों में यह फिल्म और ज्यादा लोकप्रिय हो सकती है, क्योंकि वर्ड ऑफ माउथ तेजी से बढ़ रहा है। जिन दर्शकों ने थिएटर में इसे मिस कर दिया था, वे अब ओटीटी पर इसे बड़ी संख्या में देख रहे हैं। डार्क कॉमेडी, रहस्य, पारिवारिक ड्रामा और थ्रिल का यह अनोखा मिश्रण दर्शकों को लगातार बांधे रखता है। यही वजह है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव बन गई है, जिसे देखने के बाद लंबे समय तक भुलाना आसान नहीं होगा।

