भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्मकार सिंगीथम श्रीनिवास राव ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रचनात्मकता की कोई उम्र नहीं होती। 94 वर्ष की आयु में उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘सिंग गीथम’ के जरिए निर्देशन में दमदार वापसी की है। दशकों लंबे फिल्मी करियर में अलग-अलग भाषाओं और शैलियों की यादगार फिल्में देने वाले सिंगीथम ने इस बार एक ऐसी कहानी चुनी है, जो मनोरंजन के साथ पर्यावरण संरक्षण, मानवीय लालच और प्रकृति के संतुलन जैसे गंभीर विषयों को भी सामने लाती है। सिनेमाघरों में रिलीज के बाद फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। खासतौर पर इसकी कहानी, संगीत, दृश्यांकन और लोककथाओं को आधुनिक सिनेमाई शैली में प्रस्तुत करने के प्रयास की सराहना हुई। अब यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने जा रही है, जिससे देश-विदेश के दर्शकों को इसे देखने का अवसर मिलेगा।
निर्माताओं का मानना है कि ओटीटी पर आने के बाद फिल्म ज्यादा बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचेगी। ‘सिंग गीथम’ को निर्देशक नाग अश्विन के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले तैयार किया गया है। नाग अश्विन ने लंबे समय से सिंगीथम श्रीनिवास राव को अपना मार्गदर्शक माना है और इसी सम्मान के साथ इस फिल्म का निर्माण किया है। फिल्म अपनी अलग विषयवस्तु और संगीत प्रधान प्रस्तुति के कारण व्यावसायिक फिल्मों से अलग पहचान बनाती है। फिल्म की कहानी एक ऐसे गांव के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां लंबे समय से सूखे की स्थिति बनी हुई है।
गांव की आजीविका खनन पर निर्भर है, लेकिन लगातार बिगड़ते हालात लोगों को कठिन फैसले लेने पर मजबूर कर देते हैं। आर्थिक संकट और लालच के बीच गांववाले अपने क्षेत्र के सबसे पुराने और पवित्र पेड़ को काट देते हैं, जिसे प्रकृति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद गांव पर संकटों का ऐसा दौर शुरू होता है, जो लोगों को अपनी भूल का एहसास कराता है। कहानी इसी संघर्ष, पश्चाताप और प्रकृति के साथ संबंधों की पड़ताल करती है। फिल्म में संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि कहानी को आगे बढ़ाने का प्रमुख आधार भी बनता है। लोकधुनों, पारंपरिक संगीत और फैंटेसी तत्वों का संयोजन इसे एक अलग सिनेमाई अनुभव देता है। यही वजह है कि फिल्म को एक म्यूजिकल फैंटेसी ड्रामा के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
ओटीटी पर कब और कहां देख सकेंगे फिल्म
सिनेमाघरों में प्रदर्शन के बाद अब ‘सिंग गीथम’ अपनी डिजिटल रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म 7 जुलाई 2026 से Amazon Prime Video पर स्ट्रीम होगी। ओटीटी रिलीज के साथ इसे उन दर्शकों तक भी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जो थिएटर में इसे नहीं देख पाए थे। फिल्म को कई भाषाओं में उपलब्ध कराने की भी तैयारी की गई है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों के दर्शक इसका आनंद ले सकें। निर्माताओं का कहना है कि ‘सिंग गीथम’ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो इंसान और प्रकृति के रिश्ते पर सोचने के लिए प्रेरित करता है। फिल्म में यह संदेश दिया गया है कि प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन अंततः मानव समाज के लिए ही नुकसानदेह साबित होता है।
सिंगीथम श्रीनिवास राव भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा निर्देशकों में शामिल हैं, जिन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और हिंदी सहित कई भाषाओं में सफल फिल्में बनाई हैं। उनके निर्देशन की सबसे बड़ी विशेषता प्रयोगधर्मिता रही है। उन्होंने कॉमेडी, सामाजिक विषयों, विज्ञान-फंतासी और फैंटेसी जैसी विभिन्न शैलियों में काम किया है। उनकी फिल्मों में तकनीकी नवाचार और मजबूत कहानी हमेशा प्रमुख रहे हैं। 94 वर्ष की आयु में निर्देशन की जिम्मेदारी संभालना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। फिल्म जगत के कई कलाकारों और निर्देशकों ने उनकी ऊर्जा और समर्पण की सराहना की है। दर्शकों के बीच भी यह चर्चा का विषय रहा कि इतने लंबे अनुभव के बाद भी वह नई पीढ़ी के लिए प्रासंगिक और अलग विषयों पर फिल्में बना रहे हैं। ‘सिंग गीथम’ का सबसे मजबूत पक्ष इसका संदेश है।
फिल्म यह बताती है कि विकास और आर्थिक लाभ की दौड़ में यदि प्रकृति की अनदेखी की जाती है, तो उसका परिणाम पूरे समाज को भुगतना पड़ता है। कहानी लोककथा और फैंटेसी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, जिससे यह बच्चों से लेकर वयस्कों तक सभी वर्गों के दर्शकों के लिए प्रासंगिक बन जाती है।
ओटीटी रिलीज के बाद उम्मीद की जा रही है कि फिल्म को नया दर्शक वर्ग मिलेगा और इसकी चर्चा एक बार फिर तेज होगी। समीक्षकों का मानना है कि यह फिल्म पारंपरिक व्यावसायिक मनोरंजन से अलग हटकर सार्थक सिनेमा पसंद करने वाले दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित करेगी। सिंगीथम श्रीनिवास राव की यह वापसी इस बात का प्रमाण है कि अच्छी कहानी और संवेदनशील प्रस्तुति समय और उम्र की सीमाओं से परे होती है।

