बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘क्वीन 2’ रिलीज से पहले ही बड़े कानूनी विवाद में फंस गई है। फिल्म की शूटिंग पूरी होने और पोस्ट-प्रोडक्शन शुरू होने के बीच अब इसके अधिकारों (राइट्स) को लेकर दो बड़े प्रोडक्शन हाउस आमने-सामने आ गए हैं। फिल्म ‘क्वीन’ के अधिकारों में हिस्सेदारी रखने वाली फैंटम स्टूडियोज ने जियो स्टूडियोज के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और 250 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया है। यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि फैंटम स्टूडियोज का दावा है कि उसके पास मूल फिल्म ‘क्वीन’ के 50 प्रतिशत अधिकार मौजूद हैं, जिनमें फिल्म का सीक्वल बनाने का अधिकार भी शामिल है।
कंपनी का कहना है कि उसकी लिखित सहमति के बिना ‘क्वीन 2’ का निर्माण किया गया है, जो कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैंटम स्टूडियोज ने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि उसने इस विवाद को कानूनी लड़ाई तक पहुंचाने से पहले कई बार आपसी बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की। कंपनी ने जियो स्टूडियोज और उससे जुड़े अधिकारियों से संपर्क भी किया, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इस बीच फिल्म की शूटिंग पूरी हो गई और पोस्ट-प्रोडक्शन का काम भी शुरू कर दिया गया। फैंटम स्टूडियोज का कहना है कि यदि समय रहते उनकी आपत्तियों पर ध्यान दिया जाता तो मामला अदालत तक नहीं पहुंचता। अब जबकि फिल्म लगभग तैयार हो चुकी है, कंपनी ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण ली है। इस मुकदमे के चलते फिल्म की रिलीज पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि फिलहाल जियो स्टूडियोज की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कंगना रनोट ने पूरी की ‘क्वीन 2’ की शूटिंग, अब पोस्ट-प्रोडक्शन जारी
जानकारी के अनुसार ‘क्वीन 2’ की शूटिंग इसी साल की शुरुआत में शुरू हुई थी और हाल ही में इसे पूरा कर लिया गया है। अब फिल्म पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में पहुंच चुकी है, जहां एडिटिंग, डबिंग, बैकग्राउंड स्कोर और विजुअल इफेक्ट्स जैसे काम किए जा रहे हैं। फिल्म की रिलीज की तैयारियां भी आगे बढ़ रही थीं, लेकिन अब कानूनी विवाद ने इसकी राह मुश्किल कर दी है। गौरतलब है कि ‘क्वीन’ अपने समय की सबसे चर्चित और सफल फिल्मों में से एक रही थी। फिल्म में कंगना रनोट के दमदार अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा था। इस फिल्म ने उन्हें नई पहचान दिलाने के साथ-साथ कई बड़े पुरस्कार भी दिलाए। ऐसे में इसके सीक्वल को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह था।
फैंटम स्टूडियोज का दावा है कि मूल फिल्म के अधिकारों में उसकी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी के अनुसार, इन अधिकारों में केवल मूल फिल्म ही नहीं बल्कि उसके सीक्वल, रीमेक, एडेप्टेशन और अन्य डेरिवेटिव वर्क्स बनाने का अधिकार भी शामिल है। ऐसे में किसी भी नए प्रोजेक्ट से पहले उनकी मंजूरी लेना अनिवार्य था। फैंटम स्टूडियोज का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। इस प्रोडक्शन हाउस की स्थापना निर्देशक विकास बहल, अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी और मधु मंटेना ने मिलकर की थी। इस बैनर ने बॉलीवुड को कई चर्चित और सफल फिल्में दीं, जिनमें क्वीन, हंसी तो फंसी, अग्ली, हंटर, बॉम्बे वेलवेट, मसान, शानदार, उड़ता पंजाब, मनमर्जियां और सुपर 30 जैसी फिल्में शामिल हैं।
हालांकि वर्ष 2018 में सामने आए मीटू आंदोलन के दौरान विकास बहल पर लगे आरोपों के बाद कंपनी के संस्थापकों के बीच मतभेद बढ़ गए। इसके चलते 2019 में फैंटम फिल्म्स का संचालन बंद कर दिया गया। बाद में 2021 में कंपनी को नए स्वरूप में दोबारा शुरू किया गया। इसी दौरान रिलायंस समूह ने भी कंपनी में हिस्सेदारी खरीदी, जिसके बाद फैंटम स्टूडियोज ने एक बार फिर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाई। अब ‘क्वीन 2’ को लेकर शुरू हुआ यह कानूनी विवाद बॉलीवुड में बौद्धिक संपदा अधिकारों और फिल्मी फ्रेंचाइजी के स्वामित्व को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला बन सकता है। यदि अदालत फैंटम स्टूडियोज के दावों को सही मानती है तो फिल्म की रिलीज, वितरण और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है। वहीं यदि दोनों पक्ष अदालत के बाहर समझौते पर पहुंचते हैं तो विवाद खत्म होने के बाद फिल्म तय समय पर सिनेमाघरों तक पहुंच सकती है। फिलहाल इंडस्ट्री की नजर इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई और अदालत के अगले कदम पर टिकी हुई है।

