आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की बहुप्रतीक्षित एक्शन जासूसी फिल्म ‘ऐल्फा’ को लेकर दर्शकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। सिनेमाघरों में रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी यह फिल्म अब ओटीटी मंच पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयार है। यशराज फिल्म्स के चर्चित जासूसी ब्रह्मांड का हिस्सा ‘ऐल्फा’ अब घर बैठे दर्शकों को देखने के लिए उपलब्ध होगी। फिल्म की डिजिटल रिलीज की आधिकारिक घोषणा 27 अगस्त को की गई है और इसके साथ ही प्रशंसकों के बीच फिल्म को दोबारा देखने को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की यह फिल्म 28 अगस्त से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम की जाएगी। यानी जिन दर्शकों ने इसे सिनेमाघरों में नहीं देखा या जो बड़े पर्दे पर फिल्म देखने के बाद इसे दोबारा देखना चाहते हैं, वे अब घर पर इसका आनंद ले सकेंगे। डिजिटल मंच ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म की ओटीटी रिलीज की जानकारी साझा की। घोषणा के साथ दर्शकों को फिल्म की दुनिया में दोबारा शामिल होने का न्योता दिया गया है।‘ऐल्फा’ को लेकर शुरुआत से ही काफी चर्चा रही थी।
इसकी सबसे बड़ी वजह फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसमें आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की पहली बड़ी महिला-केंद्रित जासूसी जोड़ी थी। यशराज फिल्म्स के जासूसी ब्रह्मांड में अब तक पुरुष किरदारों का दबदबा रहा है, लेकिन ‘ऐल्फा’ में कहानी का केंद्र दो महिला जासूसों को बनाया गया। इसी वजह से फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों के बीच खास उत्सुकता देखने को मिली थी।फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है। इसे यशराज फिल्म्स के जासूसी ब्रह्मांड की एक अहम कड़ी के तौर पर पेश किया गया। इस ब्रह्मांड में पहले ‘एक था टाइगर’, ‘टाइगर जिंदा है’, ‘वॉर’ और ‘पठान’ जैसी फिल्मों ने दर्शकों का मनोरंजन किया है। ऐसे में ‘ऐल्फा’ से भी उम्मीद की जा रही थी कि यह इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एक नया और मजबूत महिला-केंद्रित अध्याय जोड़ेगी।फिल्म में आलिया भट्ट ने सीता नाम की जासूस की भूमिका निभाई है। सीता एक प्रशिक्षित एजेंट है, जिसे बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करने और खतरनाक मिशनों को पूरा करने के लिए तैयार किया जाता है। फिल्म में उसका सामना ऐसे दुश्मन से होता है जो सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि एक बड़े और खतरनाक प्रयोग के जरिए पूरी व्यवस्था के लिए चुनौती बन चुका है। वहीं शरवरी वाघ ने दुर्गा कौल का किरदार निभाया है। दोनों किरदारों की कहानी आपस में गहराई से जुड़ी हुई है और उनके रिश्ते में तनाव भी देखने को मिलता है।‘ऐल्फा’ की कहानी में बॉबी देओल ने मुख्य खलनायक की भूमिका निभाई है।
वह कर्नल फतेह सिंह लाखावत के किरदार में नजर आते हैं। उनका किरदार एक खतरनाक सीरम से जुड़े प्रयोग करता है और उसका उद्देश्य अपनी ताकत तथा प्रभाव को एक अलग स्तर तक ले जाना है। यही प्रयोग फिल्म की कहानी को जासूसी मिशन से आगे बढ़ाकर एक बड़े संघर्ष में बदल देता है।आलिया और शरवरी के किरदारों के सामने केवल एक दुश्मन को रोकने की चुनौती नहीं है, बल्कि उन्हें अपने रिश्तों, अपने डर और अपनी क्षमताओं से भी मुकाबला करना पड़ता है। फिल्म में एक्शन के साथ भावनात्मक पहलू को भी जगह दी गई है। यही कारण है कि ‘ऐल्फा’ को केवल एक सामान्य जासूसी फिल्म के बजाय महिला पात्रों के नजरिए से दिखाई गई एक्शन कहानी के रूप में पेश किया गया।फिल्म में अनिल कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देते हैं। इसके अलावा ऋतिक रोशन की मौजूदगी ने इसे जासूसी ब्रह्मांड से जोड़ने के लिहाज से और खास बना दिया। ऋतिक रोशन फिल्म में अपने लोकप्रिय किरदार कबीर के रूप में विशेष उपस्थिति दर्ज कराते हैं। ‘वॉर’ के कबीर की वापसी ने फिल्म की कहानी को यशराज फिल्म्स के पहले से स्थापित जासूसी संसार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बॉक्स ऑफिस के बाद ओटीटी पर नई उम्मीद
‘ऐल्फा’ 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। बड़े बजट, चर्चित कलाकारों और जासूसी ब्रह्मांड की लोकप्रियता के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर वैसा प्रदर्शन नहीं कर सकी जिसकी उम्मीद की जा रही थी। फिल्म की रिलीज से पहले इसके एक्शन दृश्यों, आलिया और शरवरी की जोड़ी तथा कहानी को लेकर काफी चर्चा थी, लेकिन सिनेमाघरों में दर्शकों की प्रतिक्रिया उम्मीद के अनुरूप मजबूत नहीं रही। अब ओटीटी रिलीज फिल्म के लिए दूसरी पारी की तरह देखी जा रही है।ओटीटी मंचों ने पिछले कुछ वर्षों में फिल्मों की सफलता का पैमाना काफी हद तक बदल दिया है। पहले किसी फिल्म के कमजोर प्रदर्शन का मतलब यह माना जाता था कि उसका सफर खत्म हो गया, लेकिन अब डिजिटल रिलीज के बाद फिल्मों को नया दर्शक वर्ग मिल सकता है।
खासकर ऐसी फिल्में जिन्हें सिनेमाघरों में पर्याप्त दर्शक नहीं मिले, वे घर बैठे दर्शकों के बीच दोबारा चर्चा में आ सकती हैं। ‘ऐल्फा’ के लिए भी यही उम्मीद की जा रही है।फिल्म की ओटीटी रिलीज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब दर्शक इसे अपनी सुविधा के अनुसार देख सकेंगे। सिनेमाघरों में फिल्म देखने के लिए समय निकालना, टिकट खरीदना और परिवार या दोस्तों के साथ योजना बनाना जरूरी होता है, जबकि ओटीटी पर दर्शक अपनी सुविधा से फिल्म देख सकते हैं। यही वजह है कि कई फिल्मों को डिजिटल मंच पर सिनेमाघरों की तुलना में अलग तरह की लोकप्रियता मिलती है।आलिया भट्ट के प्रशंसकों के लिए भी यह फिल्म खास है। अभिनेत्री ने अपने करियर में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन एक्शन और जासूसी शैली में उनका यह रूप दर्शकों के लिए नया अनुभव है। फिल्म में उन्हें एक प्रशिक्षित और जोखिम उठाने वाली एजेंट के रूप में दिखाया गया है।
वहीं शरवरी ने भी एक्शन प्रधान भूमिका के जरिए अपने अभिनय के अलग पक्ष को सामने रखा है।दोनों अभिनेत्रियों की जोड़ी इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। कहानी में उनके किरदारों के बीच सिर्फ मिशन का संबंध नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तिगत रिश्ते भी कहानी को आगे बढ़ाते हैं। यही भावनात्मक संघर्ष फिल्म के एक्शन को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश करता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ओटीटी पर दर्शक इस जोड़ी और कहानी को किस तरह स्वीकार करते हैं।‘ऐल्फा’ के ओटीटी सफर का असर यशराज फिल्म्स के जासूसी ब्रह्मांड पर भी पड़ सकता है। इस ब्रह्मांड की फिल्मों को आमतौर पर बड़े स्तर के एक्शन, सितारों और आपस में जुड़ी कहानियों के लिए जाना जाता है।
‘ऐल्फा’ में महिला पात्रों को केंद्र में रखकर इस दुनिया का विस्तार करने की कोशिश की गई है। अगर डिजिटल मंच पर फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो यह भविष्य में ऐसी कहानियों के लिए भी रास्ता खोल सकती है।आखिरकार ‘ऐल्फा’ की सिनेमाघरों वाली कहानी भले ही उम्मीदों के मुताबिक न रही हो, लेकिन ओटीटी पर उसके पास खुद को दोबारा साबित करने का मौका है। 28 अगस्त से नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध होने के बाद फिल्म उन दर्शकों तक भी पहुंचेगी जो बड़े पर्दे पर इसे देखने से चूक गए थे। अब असली फैसला दर्शकों के हाथ में है कि आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की यह जासूसी कहानी डिजिटल मंच पर कितनी बड़ी चर्चा पैदा करती है।

