हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, दोनों शूटर बाइक से शामली से सोनीपत की ओर भाग रहे थे। घेराबंदी के दौरान उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों की पहचान सोनीपत निवासी सुमित और मोहित के रूप में हुई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का कहना है कि दोनों अंकित बालियान की हत्या में सीधे तौर पर शामिल थे। हत्याकांड में शामिल उनके दो अन्य साथी सत्यम और आर्यन अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि अंकित हत्याकांड में शामिल सुमित और मोहित बाइक से शामली से सोनीपत की ओर निकल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने संभावित रास्ते पर घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम ने जब दोनों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने भागने की कोशिश की और पकड़े जाने के डर से पुलिस पर फायरिंग कर दी।
इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब 20 राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है। मुठभेड़ के दौरान सुमित और मोहित को गोलियां लगीं और दोनों जमीन पर गिर पड़े। पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दोनों शूटरों के मारे जाने के बाद पुलिस अब हत्याकांड के फरार आरोपियों सत्यम और आर्यन की तलाश में जुटी है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। बता दें कि अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त की शाम शामली में हुई थी। 32 वर्षीय अंकित जिम से निकलकर अपनी स्कॉर्पियो में बैठने ही वाले थे, तभी चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। बताया गया कि बदमाशों ने करीब 18 राउंड फायरिंग की थी।
हमले में अंकित के सिर और पेट में पांच गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होकर वह सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम अंकित को अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में चारों हमलावर वारदात को अंजाम देते दिखाई दिए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमों को लगाया।
मां ने बेटे का शव गोद में लेकर सड़क पर बैठकर लगाया था जाम
अंकित की हत्या के बाद घटनास्थल पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई थी। बेटे की मौत की खबर सुनकर उनकी मां अमरेश बदहवास हो गईं। वह अंकित का शव अपनी गोद में लेकर सड़क पर बैठ गईं। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और रास्ता जाम कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर और सहारनपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक अभिषेक सिंह मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों ने अंकित के पिता सतबीर समेत परिजनों से बातचीत की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। काफी समझाने के बाद जाम खुलवाया जा सका। अंकित की हत्या के बाद उनकी पत्नी सीमा ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि उनके पति की हत्या करने वालों का एनकाउंटर होना चाहिए। अंकित शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले थे। उनकी पत्नी सीमा दिल्ली में सरकारी शिक्षिका हैं, जबकि उनके पिता सतबीर सेवानिवृत्त फौजी हैं।
पुलिस की जांच में अंकित की सोशल मीडिया गतिविधियां भी सामने आई थीं। हत्या से करीब एक घंटे पहले ही अंकित ने अपने इंस्टाग्राम पर एक गाना पोस्ट किया था। इस वीडियो में वह कार में बैठकर ‘मर्डर मार दे सड़क के ऊपर’ गाते हुए दिखाई दे रहे थे। हत्या के कुछ समय पहले किए गए इस पोस्ट की वजह से भी मामला चर्चा में आ गया था। अंकित बालियान हरियाणवी संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके थे। वह अक्सर गन कल्चर और अपराध की पृष्ठभूमि वाले गीतों को लेकर चर्चा में रहते थे। उनका ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे’ नाम का गाना 15 फरवरी 2023 को जारी हुआ था। गीत के बोल और कथित गन कल्चर को बढ़ावा देने को लेकर विवाद हुआ था और बाद में इस गाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
इसके बाद अंकित हरियाणवी संगीत की दुनिया में और अधिक चर्चित हो गए। उनके गीतों में अक्सर अपराध, हथियार और दबंगई से जुड़े विषय दिखाई देते थे। हालांकि उनकी हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस हत्या की साजिश, आरोपियों की भूमिका और उनके पीछे मौजूद लोगों के बारे में भी जांच कर रही है। फिलहाल दो मुख्य शूटरों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद पुलिस को हत्याकांड की जांच में अहम सफलता मिली है। दोनों पर इनाम घोषित था और पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी। अब जांच का अगला फोकस फरार आरोपी सत्यम और आर्यन की गिरफ्तारी पर है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अंकित की हत्या की साजिश किसने रची, हमलावरों को हथियार और वाहन किसने उपलब्ध कराए और वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य वजह थी या नहीं।

